कैल्शियम कार्बोनेट


कैल्शियम कार्बोनेट धरती की परत पर पाया जाने वाला एक प्राकृतिक खनिज है; औद्योगिक दृष्टिकोण के आधार पर, इसको सामग्रियों के तीन मुख्य समूहों में विभाजित किया जा सकता है जो कि इस प्रकार हैं:

  • पीसा हुआ या माइक्रोनाइज़्ड कैल्शियम कार्बोनेट (gcc), जिसे प्राकृतिक कैल्शियम कार्बोनेट भी कहा जाता है।
  • तलछटी कैल्शियम कार्बोनेट (pcc)
  • लेपित कैल्शियम कार्बोनेट

वर्तमान प्रोजैक्ट में, माइक्रोनाइज़्ड कैल्शियम कार्बोनेट को उद्योग के उत्पादों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

Gcc और pcc में अंतर


इन दोनों उत्पादों की रासायनिक सरंचना एक समान है; pcc की शुद्धता अधिक होती है और इसमें सिलिका और लेड की मात्रा कम होती है; pcc कणों की बनावट और आकृति gcc कणों से भिन्न होती है; gcc कणों की बनावट अक्सर रॉम्बोहेड्रल होती है; जबकि pcc कणों की बनावट प्रक्रिया नियंत्रण के ढंग पर निर्भर करती है; और समरूपता व कणों का वर्गीकरण pcc में अधिक होता है।

Gcc कणों के आकार में भिन्नता अधिक होती है, इस लिए, बहुत मोटे और बहुत बारीक कणों को देखा जा सकता है, और साथ ही, gcc के सबसे बड़े कण pcc के सबसे बड़े कणों से कहीं अधिक बड़े होते हैं। pcc प्लास्टिक प्रतिरोध को बढ़ाते हैं, और pcc कणों की आकार भिन्न्ता विशेष उपयोगों के लिए इसकी तेल अवशोषण क्षमता को बढ़ाती है।

लेपित कैल्शियम कार्बोनेट


लेपित कैल्शियम कार्बोनेट सामान्य किस्म का ही होता है जिस को स्टीरिक एसिड (जो कि एक फैटी एसिड है) की पतली परत से लेपित किया जाता है। इस किस्म के एसिड का खपत मूल्य 0.5 और 3 वज़न प्रतिशत के बीच होता है। लुब्रीकेटिंग गुण वाला लेपित कैल्शियम कार्बोनेट एक जलरोधक परत का काम करता है। तेज़ाब की किस्म रबड़ और प्लास्टिक उद्योगों में भिन्न-भिन्न होती है। तेल अवशोषण में प्रभावशाली कमी और खाली जगहों की अधिकतम भराई के बावजूद तेल संग्रहण में कमी लेपित कैल्शियम कार्बोनेट प्रयोग करने के कुछ लाभ हैं। कैल्शियम कार्बोनेट पर स्टीरिक एसिड की परत चढ़ जाती है और यह विभिन्न दानों के आकारों में बेचा जाता है।

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