“कैल्शियम कार्बोनेट की भौतिक विशिष्टताएं” पृष्ठ

कैल्शियम कार्बोनेट एक तलछटी चट्टान होती है जो कि मुख्य रूप से केल्साइट खनिज (कैल्शियम कार्बोनेट: CaCo3) की बनी होती है। कैल्शियम कार्बोनेट अक्सर शीस्ट और फ्लिंट के रूप में सिलिका खनिज की विभिन्न मात्राओं और साथ ही अंतर्निवेशन यौगिकों, ग्रंथियों या मिश्रित परतों के रूप में चिकनी मिट्टी, तलछट, और रेत से बना होता है। लाइमस्टोन में केल्साइट का मुख्य स्त्रोत आम तौर पर समुद्री जीव होते हैं, और उनकी सीपें समुद्र के नीचे धरती पर जमा हो जाती हैं। इसके साथ ही, अतिरिक्त केल्साइट सूपरसेचूरेटिड मिटियोरिक पानी (भूमिगत जल जिससे गुफाओं में निक्षेपण होता है) से निक्षेपित हो सकता है, और इसके परिणामस्वरूप गुफा निक्षेपित परतें जैसे कि स्टैलेग्माइट और स्टैलेक्टाइट निर्मित होती हैं।

एक अन्य किस्म जो कि केल्साइट निक्षेपण से निर्मित होती हैं, वे हैं मिट्टीयां (सॉयल कैल्शियम कार्बोनेट) जिसे उनकी दानेदार दिखावट से पहचाना जा सकता है।

शुद्ध लाइमस्टोन अक्सर सफेद और सफेद जैसे रंगों में पाया जाता है। चीकनी मिट्टी, जीव-अवशेष, आयरन ऑक्साइड, लोहा और अन्य संघटकों की मिलावटों के कारण, ज़्यादातर लाइमस्टोन विभिन्न रंगों में पाए जाते हैं, खास तौर पर यदि वे ऋतुक्षरित हों। उनकी निर्माण प्रक्रिया के आधार पर, लाइमस्टोन को प्रकृती की क्रिस्टलीय, खण्डमय, दानेदार या भारी रूपों में देखा जा सकता है। केल्साइट, क्वार्टज़, डोलोमाइट या बेराइट क्रिस्टलों की मौजूदगी से चट्टानों में कुछ छोटे छेद निर्मित हो सकते हैं। फोल्क और डुनहम वर्गीकरण लाइमस्टोन को विस्तार से जाँचने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।

ट्रेवर्टिनीज़ ठोस स्ट्रिप बनावट वाली कैल्शियम कार्बोनेट की ऐसी किस्म है जो कि पानी के प्रवाह से निर्मित होती है, खास तौर पर झरने और साथ ही, गर्म और ठंडे झरने से। केल्साइट की रासायनिक संरचना के कारण, वाष्पीकरण की अधिक मात्राओं वाला कैल्शियम कार्बोनेट सूपरसेचूरेटिड घोलों को छोड़ देता है। टूफा एक छिद्रित टेवर्टीन होता है जिसे झरनों के पास पाया जा सकता है। कोकीना भी एक किस्म की कमज़ोर ढाँचे वाली कैल्शियम कार्बोनेट की चट्टान होती है; यह सीपों और कोरलज़ अंशों की बनी होती है।

कैल्शियम कार्बोनेट कुछ मिश्रणों में घुलनशील होता है जैसे कि तेज़ाब, इसलिए कई कटावदार सरंचनाएं जैसे कि चूनेदार गुफाएं, गड्ढे, और गहरी घाटियां निर्मित हो सकती हैं। कुछ कटावदार विशेषताओं को कार्स्ट कहा जाता है। हालांकि कैल्शियम कार्बोनेट अग्निमय पत्थरों से कम प्रतिरोधी होता है, इसका प्रतिरोध अन्य तलछटी पत्थरों से अधिक होता है। आम तौर पर, कैल्शिय मकार्बोनेट पहाड़ियों और सिंक छेद संरचनाओं में पाया जाता है, और अकसर अन्य तलछटी चट्टानों जैसे कि भिन्न क्षेत्रों में चीकनी मिट्टी के साथ देखा जा सकता है।

कैल्शियम कार्बोनेट के ढेर शानदार चट्टानी परिदृश्यों के साथ उत्पन्न होते हैं। इन संरचनाओं के कुछ उदाहरण आयरलैंड के को क्लेयर में ब्यूरेन, फ्रांस में वेर्डन जॉर्ज, उत्तरी यॉर्कशायर में मल्हम कोव, इंग्लैंड, गोटलैंड के स्वीडिश द्वीप के पास फैरो, कनाडा/यू. एस.ए. में नियाग्रा फाल, और वियतनाम में हा लोंग बे नेशनल हैं।

कैल्शियम कार्बोनेट का प्रयोग विशेष रूप से निर्माण, और दुनिया भर में कई श्रेष्ठ ऐतिहासिक इमारतों में किया गया है, खासकर उत्तरी अमेरिका और यूरोप में इमारतें इस मिश्रण से बनाई गई हैं। कनाडा के किंग्स्टन, ओंटारियो में कई इमारतें कैल्शियम कार्बोनेट से बनाई गई हैं, इसलिए इन्हें कैल्शियम युक्त शहर भी कहा जाता है। विश्व के महत्त्वपूर्ण कला कार्यों में से, वॉशिंगटन में अब्राहम लिंकन प्रतिमा, एथेंस में पार्थेनन बिल्डिंग, पोलैंड में क्राकोव के चर्च की छत और लंदन के ट्रैफ़लगर स्क्वायर की महान शेर प्रतिमा कैल्शियम कार्बोनेट से बनाई गई हैं। कैल्शियम कार्बोनेट की अन्य विशेषता यह है कि इसको आसानी से छोटे टुकड़ों में पीसा जा सकता है। साथ ही, इसकी सहनशीलता चिरस्थायी है और तल पर अच्छे से प्रदर्शित की जा सकती है। इमारतों में कैल्शियम कार्बोनेट का इस्तेमाल 20वीं सदी के आरम्भ और 19वीं सदी के अंत में आम था। उस समय के रेलवे स्टेशनों, बैंकों, और अन्य निर्माणों में ज़्यादातर कैल्शियम कार्बोनेट का प्रयोग किया गया है। साथ ही, इन पत्थरों का प्रयोग कुछ गगन स्पर्शी इमारतों के अग्रभाग के तौर पर किया गया है। संयुक्त राज्य में, इमारतें उत्तम गुणवत्ता के इंडियाना कैल्शियम कार्बोनेट से बनाई गई हैं, जबकि लंदन में, कई मशहूर इमारतें पोर्टलैंड कैल्शियम कार्बामेट से बनाई गई हैं।

हालांकि इमारतों के निर्माण में कैल्शियम कार्बोनेट का प्रयोग नम क्षेत्रों के लिए ज़्यादा उपयुक्त है, अम्लीय पदार्थों के विरूद्ध इसका प्रतिरोध कम है; उन क्षेत्रों में अम्लीय वर्षा एक प्रमुख समस्या है जहाँ कैल्शियम कार्बोनेट का बहुत अधिक प्रयोग किया जाता है। अम्लीय वर्षा में घुला हुआ तेज़ाब इमारतों को नुकसान पहुँचा सकता है, और लिहाज़ा, नर्म लाइमस्टोन पाउडर का प्रयोग अम्लीय वर्षा के प्रभावों को निष्प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।

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